छपरा के दो दोस्तों की कहानी जो पहले स्मैक ड्रग्स से करते थे प्यार : लूटा दिए लाखो हज़ार ,अब खुद बने जागरुक युवा जो नशा का करेंगे बहिष्कार, बदलेगा छपरा बदलेगा बिहार

छपरा के दो दोस्तों की कहानी जो पहले स्मैक ड्रग्स से करते थे प्यार : लूटा दिए लाखो हज़ार ,अब खुद बने जागरुक युवा जो नशा का करेंगे बहिष्कार, बदलेगा छपरा बदलेगा बिहार

 

छपरा- कहां जाता है आदमी जब से जागता है तभी से सवेरा होता है। ये कहावत शहर के युवा पिंटु परमार पर पूरी तरह चरितार्थ हो रही है। शहर के पिंटु परमार पहले नशें की लत लगने के कारण अपना नौकरी, व्यवसाय या यूं कहें कि लगभग अपना सबकुछ दांव पर लगाने के बाद काफी समय बीत जाने के बाद नशा छोड़ दिया और अब शहर के किसी भी युवा को नशे की लत न लगे उसके लिए अपने एक मित्र चिंटू के साथ मिलकर शहर को ड्रग्स फ्रि बनाने के लिए मुहिम चला रहे हैं। दोनों मित्र चिंटू और पिंटु मिलकर शहर के लोगों को नशे के आगोश में जाने से बचाने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं।C24 न्युज से विशेष बातचीत में युवा पिंटु परमार ने बताया कि नशें की लत के कारण मैंने अपनी अच्छी खासी जिंदगी बर्बाद कर रहा था। बिहार टीईटी की परीक्षा पास करने के बाद भी शिक्षक नहीं बन पाया घर से काफी पैसा बर्बाद भी कर दिया। लेकिन अब नशा छोड़ दिया है और शहर में अब और युवाओं को नशे की लत नहीं लगे इसके लिए प्रयास कर रहे हैं। यदि शहर का पुलिस प्रशासन व सामाजिक संगठन हमसे कोई सहयोग लेना चाहते हैं तो हम उन्हें सहयोग कर शहर को नशा मुक्त बनाने का प्रयास करेंगे।आज भी शहर के हर कोने में स्मैक, ड्रग्स आसानी से मिल रहा है जिससे शहर के युवा नशा करके अपराध की दुनिया में कदम रख रहे हैं। जिससे शहर में प्रतिदिन अपराधिक मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। हालांकि बीच में सारण पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिले में असामाजिक तत्वों, अपराधकर्मियों के खिलाफ चलाए गए पुलिस के छापामारी अभियान से ड्रग्स,स्मैक बेचने वालों व पीने वालों में खलबली मची थी।कई अपराधकर्मियों व असामाजिक तत्वों की गिरफ्तारी भी हुई थी।सारण पुलिस द्वारा ऐसे अभियानों को निरंतर चलाएं जाने की आवश्यकता है। जिससे छपरा शहर नशा मुक्त हो सके।

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